नहीं बनाया किसी ने टाटा, बिरला, अंबानी ,
खुद ही बने हैं सब अपने सपनों के सौदागर ।
राह नहीं थी बनी बनाई ,ना ही है कोई बड़ा ज्ञानी,
सब ने की है कड़ी मेहनत ,फिर मेहनत है रंग लाई ।
एक पल में नहीं बनता सब कुछ, पल पल मेहनत करके सब ने मंजिल है पाई।
कल क्या होगा ना ध्यान दिया ,बस काम किया, राह में मुश्किल उसके भी आई ।
मुश्किल था मंजिल को पाना, बना दिया रास्ता ,
चल दिए बिना किसी की परवाह ।
तोड़ दिया सबका भ्रम, कर दिया सपनों को साकार,
ताने देने वालों ने ही हंसकर सत्कार किया।
BY: MS.
KAMNI

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