Friday, September 25, 2020

डॉ हरिवंश राय बच्चन

 



पल

डॉ हरिवंश राय बच्चन हिंदी भाषा के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे जिनका जन्म 27 नवंबर 1907 को हुआ था। इनके लिखे गए लेख और कविताएं आज भी बहुत मशहूर हैं। इनकी कविताओं में प्रसिद्ध कविताएं 'अग्निपथ' और 'मधुशाला' जो आज भी प्रचलित है।

हरिवंश राय बच्चन इनके पिता 'प्रताप नारायण श्रीवास्तव' और माता 'सरस्वती देवी' जी के यह बड़े बेटे थे। इनको बाल्यकाल में 'बच्चन' कहा जाता था ,जिसका अर्थ बच्चा या संतान होता है। बाद में वह इसी  नाम से मशहूर हो गए।

हरिवंश राय जी की अनेक कविताएं जिनमें से प्रसिद्ध कविता 'दो चट्टानें' जिसे 1967 में हिंदी के 'साहित्यकार अकादमी पुरस्कार ' से सम्मानित किया गया था। इसी वर्ष उन्हें 'सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार' तथा  से भी सम्मानित किया गया। डॉक्टर बच्चन को 'भारत पुरस्कार' द्वारा 1976 में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में 'पदम भूषण'  से सम्मानित किया गया था। हरिवंश राय जी की कविताएं जिनमें अपनापन होता है दो शब्द कहना चाहती हूं:-

महफिल सजी है यारों की

इस महफिल में कौन - अपना

है और कौन पराया,

किसका मन है साफ,

और  किसका मन है मैला।

यह ना तो मुझे है पता,

और ना तो उसे है पता।

धन्यवाद।

कमलजीत कौर

1 comment:

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