कड़वी जुबान तोड़ देती है किसी के दिल को,
कड़वी जुबान तोड़ देती है किसी के साहस को,
कड़वी जुबान तोड़ देती है किसी के दिल की उमंगों को,
कड़वी जुबान तोड़ देती है उम्र भर की तपस्या को,
कड़वी जुबान तोड़ देती है आत्म सम्मान को,
कड़वी जुबान चंद ही लम्हों में गवा देती है अपनी इज्जत को,
कड़वी जुबान रोक देती है किसी की धड़कन को,
कड़वी जुबान तोड़ देती है अपने ही रिश्तों को…
अनुराधा
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