Wednesday, July 7, 2021

प्रकृति


जीवन ईश्वर का दिया अनमोल वरदान है । प्रकृति भी जीवन से भरी  हुई है । जीवन का हर पल सौंदर्य से परिपूर्ण है । चाहे वह पेड़ -पौधे , कीट -पतंगे  , पशु - पक्षी प्रत्येक में जीवन है , परंतु इन सब में से सबसे उत्तम मनुष्य का जीवन ही माना जाता है । मनुष्य जीवन पाकर अपने को धन्य मानता है और उस जीवन को और अधिक धन्य  बनाने के लिए अच्छे से अच्छे कर्म करता है और उन कर्मों के आधार पर ही मनुष्य अमर हो जाता है । धन्य है वे जीवन जो दूसरों के लिए जीएं । संघर्ष करने का नाम जीवन है । जो मनुष्य अपने जीवन में मरने  से नहीं डरता , दुनिया उसके सामने झुकती हैं । अपने जीवन को सफल बनाना है तो अकेले ही जीवन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है । यह अवश्य नहीं कि आज हमारे साथ है तो कल हमारे साथ होगा । अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त करना है ,तो रास्ता स्वयं ही बनाना पड़ता है  । जीवन को धन्य बनाने के लिए क्रोध, अहंकार, लोभ- लालच सब कुछ त्याग कर प्रेम को अपनाना पड़ता है ।
कबीर जी के अनुसार
पत्ता टूटा डाल से ले गई पवन उड़ाय ।
अब के बिछड़े ना ही मिले दूर पड़ेंगे जाय ।।
जीवन एक बार ही मिलता है और उस जीवन में हमेशा दूसरों के प्रति प्रेम ,दया , त्याग भाव रखकर अपने जीवन को धन्य  बनाओ ।।
Poonam Sharma

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